अगर आपको डर नहीं लगता , तो मंगल पर आपके लिए बस्तियां बना रही है SpaceX

अगर आपको डर नहीं लगता , तो मंगल पर आपके लिए बस्तियां बना रही है SpaceX आप धरती पर रहते-रहते ऊब गए हैं, तो बस थोड़े दिन और इंतज़ार कीजिए. SpaceX नाम की एक कंपनी एक विशाल रॉकेट और एक कैप्सूल बना रही है. इस रॉकेट का इस्तेमाल ये कंपनी बड़ी संख्या में इंसानों को मंगल ग्रह पर ले जाने के लिए करेगी. ये कंपनी बहुत ही जल्द मंगल पर इंसानों के लिए बस्तियां बनाने के लिए काम कर रही है. कम्पनी के प्रमुख और अरबपति वैज्ञानिक Elon Musk ने कहा कि ‘ये रॉकेट एक बार में 100 यात्रियों को उनके सामान के साथ ले जाने में सक्षम होगा.’

आखिर कैसे काम करेगा SpaceX?

ये रॉकेट हर 26 महीने में यात्रियों का एक जत्था मंगल पर ले जाएगा, ऐसा माना जाता है कि इतने समय के बाद मंगल और पृथ्वी एक सीध में आ जाते हैं. Musk ने कहा कि ‘मैंने सोचा था कि यात्रियों का पहला दल 2024 में भेजा जाएगा, पर मैं कुछ ज़्यादा ही आशावादी हो गया था.’ इसके साथ एक समस्या भी है. समस्या ये है कि अगर आप मंगल जाना चाहते हैं, तो ये कंपनी आपकी ज़िंदगी की गारंटी नहीं लेगी. ये एक ऐसा सफ़र है, जहां अनहोनी की आशंका है और वापसी का कोई शॉर्ट-कट भी नहीं है. इसलिए मेक्सिको के ‘International Astronautical Congress’ की मीटिंग में Musk ने कहा कि ‘अगर आप मरने के लिए तैयार हैं, तभी आप मंगल पर जाने के हक़दार हैं.’

मंगल पर जाने का खर्च भी है बहुत ज़्यादा

Musk ने बताया कि ‘मंगल पर बस्तियां बसाना इतना आसान नहीं होने वाला, क्योंकि वहां तक ले जाने का किराया काफी महंगा हो सकता है. अनुमानित किराया प्रति व्यक्ति एक सौ करोड़ रुपए बताया जा रहा है. हम मंगल पर बसने वालों को वहीं छोड़ कर नहीं आने वाले, क्योंकि ये एक तरफ़ा सफ़र नहीं होगा. हालांकि मंगल पर जाने वालों की संख्या भले ही बहुत हो, पर वहां रुके यात्रियों को वापस लाने का विकल्प ज़रूर तैयार रहेगा.’

बजट की है सबसे बड़ी समस्या

मंगल धरती से 14 करोड़ मील दूर है. इसलिए धरती से वहां यात्रियों को भेजने में छह से नौ महीने का समय लगेगा. Spacex पहले बिना आदमी के एक कैप्सूल भेजेगा, जो वहां लैंडिंग और बाकी सारी प्रक्रियाओं की जांच कर के आएगा. पर इतने बड़े काम के लिए बजट जुटाना बहुत मुश्किल होगा. कोई एक कम्पनी अकेले इसके लिए फंडिंग नहीं कर सकती. इसके लिए बहुत बड़े पैमाने पर प्राइवेट-पब्लिक पार्टनरशिप की ज़रूरत होगी.

चलिए पैक कर लीजिए सामान, धरती पर बहुत रह लिए. अब वक़्त आ गया है, मंगल पर शिफ्ट होने का. इस आर्टिकल को शेयर करके अपने खास दोस्तों को ये ख़बर बताएं.

Feature Image: Dailycaller

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